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फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल सावधान

1-Sep-17 13:10फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल सावधान
फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल सावधान

 

फिल्म: शुभ मंगल सावधान
स्टारकास्ट: आयुष्मान खुराना, भूमी पेडनेकर, सीमा पाहवा और ब्रजेंद्र काला
डायरेक्टर: आर.एस. प्रसन्ना
प्रोड्यूसर: आनंद एल राय और कृशिका लूला

 

शुभ मंगल सावधान एक तमिल फिल्म कल्याना सामायाल साधाम का रीमेक है। भूमी पेडनेकर और आयुश्मान खुराना की इस इस फिल्म को तमिल फिल्म के ही निर्देशक आर.एस प्रसन्ना ने ही डायरेक्ट किया है। आइये जानते हैं इस फिल्म की कहानी के बारे में।

 

कहानी
फिल्म शुभ मंगल सावधान दिल्ली बेस्ड मुदित शर्मा (आयुष्मान खुराना) की कहानी है, जिसकी सगाई दिल्ली की ही सुगंधा (भूमि पेडनेकर) से हो जाती है। फिल्म में मुदित और सुगंधा एक-दूसरे को पसंद करते हैं लेकिन दोनों में से कोई भी पहली बार एप्रोच करने को तैयार नहीं होता। सगाई से शादी के बीच के दिनों में मुदित और सुगंधा एक-दूसरे के करीब आते हैं, तो उन्हें पता लगता है कि मुदित को सेक्सुअल प्रॉब्लम है। यह पता लगते ही सुगंधा के पैरंट्स शादी के खिलाफ हो जाते हैं। लेकिन मुदित किसी भी हालत में सुगंधा से शादी करना चाहता है और इसके लिए हर मुमकिन कोशिश करता है। इसमें सुगंधा भी उसका पूरा साथ देती है। अब इसके बाद शुरू होती है कॉमेडी। किस तरह मुदित प्यार के लिए अपनी मेडिकल कंडीशन पर काबू पाने की कोशिश करता है। ये सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

 

एक्टिंग
मुदित के किरदार में आयुष्मान खुराना एकदम परफेक्ट लगे हैं। चाहे वो शर्मीलापन हो या पौरुष को लेकर प्रॉब्लम, चेहरे पर हर भाव आयुष्मान ने बखूबी निभाया और दिखाया है। वहीं दम लगा के हईशा और टॉयलेट एक प्रेमकथा जैसी देसी फिल्मों में अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवाने वाली भूमि पेडनेकर ने भी दिखा दिया कि वह बॉलीवुड में लंबी पारी खेलने के लिए आई हैं। आयुष्मान के साथ भूमी की बेहतरीन केमिस्ट्री आपको खुश कर जाएगी। गंधा के ताऊ जी के रोल में ब्रिजेंद्र काला हमेशा की तरह लाजवाब हैं। वहीं सुगंधा की ममी के रोल में सीमा पाहवा ने बरेली की बर्फी के बाद एक बार फिर बेहतरीन ऐक्टिंग की है।

 

डायरेक्शन
शुभ मंगल सावधान के निर्माता और अपनी तनु वेड्स मनु और रांझणा जैसी देसी अंदाज वाली फिल्मों के लिए मशहूर आनंद एल राय ने इसके डायरेक्शन की कमान प्रसन्ना को सौंपी। प्रसन्ना ने भी आनंद को निराश नहीं किया और हिंदी के दर्शकों के लिहाज से मजेदार कॉमिडी पेश की है। इस फिल्म की सबसे खास बात ये है कि स्तंभन दोष के इस संवेदनशील मुद्दे को छूती हुई ये फिल्म आपको न को फूहड लगेगी और न ही असुविधाजनक महसूस करवाएगी। प्रसन्ना ने 'जेन्ट्स प्रॉब्लम' को बड़ी ही मसखरे और मजाकिया लहजे में दिखाने की कोशिश की है।

 

म्यूजिक
फिल्म के गाने अच्छे लगते हैं और कहानी का हिस्सा ही लगते हैं। तनिष्क-वायु के गाने फिल्म की सिचुएशन में बेहतरीन तरीके से फिट होते हैं। फिल्म के गाने रॉकेट सैंय्या के अलावा कोई भी गाना ऑडिएंस को खास इंप्रेस करता नहीं दिखता।

 

देखें या नहीं
शुभ मंगल सावधान की धमाकेदार कॉमेडी और बेहतरीन अभिनय आपको इंप्रेस करेगा, वहीं फिल्म का क्लाईमैक्स आपको ढीला-ढ़ाला लगेगा। इस वीकेंड आप इस फिल्म को देखने जायेंगे, तो यह आपको निराश नहीं करेगी।

 

ट्रेलर देखें

 




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