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सात उचक्के फिल्म रिव्यू

सात उचक्के फिल्म रिव्यू

फिल्म: सात उचक्के

डायरेक्टर: संजीव शर्मा

स्टारकास्ट: मनोज बाजपेयी, केके मेनन, अन्नू कपूर, विजय राज़, अनुपम खेर और अदिति शर्मा

 

सात उचक्के फिल्म मजेदार गालियों से भरपूर है, जब मनोज बाजपेयी, केके मेनन, अन्नू कपूर, विजय राज़ और अनुपम खेर जैसे एक्टर एक सात स्क्रीन पर नजर आयेंगे तो इस फिल्म का अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं कि कितनी मजेदार फिल्म होगी। फिल्म के डॉयलोग्स भी अच्छे हैं और आपको डॉयलोग्स में पुरानी दिल्ली की छाप सुनाई देगी। जब फिल्म शुरू होती है तो आपको कुछ डॉयलोग्स और शब्दों को म्यूट किया गया है लेकिन बाद में ऐसा नहीं है क्यूंकि अगर सारे डॉयलोग्स और शब्द को म्यूट किया जाता तो सात उचक्के फिल्म एक मौन फिल्म होती।

फिल्म का ट्रेलर, गाने और लिरिक्स देखने के लिए यहाँ क्लिक करें–

 

 

 

कहानी

सात उचक्के फिल्म की कहानी है पुरानी दिल्ली के निचले तबके के सात उचक्कों की। इन सब की ज़िन्दगी में सब सही चल रहा होता है, ये सब छोटी-मोटी चोरियां करके अपना गुजारा कर रहे होते हैं लेकिन एक दिन इन सबको कुछ बड़ा करने की सूझती है और इन सात उचक्कों का हेड होता है पप्पी जाटवाला (मनोज बाजपेयी)। फिर इन सबकी मुलाकात होती है बिच्ची (अन्नू कपूर) से और बच्ची कुछ इनको सलाह देता है, जहाँ से कुछ बड़ा लूटने का प्लान शुरू होता है।

जब ये सात उचक्के बड़ी चोरी करते हैं तो इस कोशिश में इन सात उचक्कों से कई गलतियां भी होती हैं और वे लगातार फंसते चले जाते हैं। फिर इन सात उचक्कों के निजी ज़िन्दगी और स्वार्थ भी यहाँ शामिल हो जाते हैं। इसके बाद ही शुरू हो जाती है प्रेम कहानी पप्पी जाटवाला (मनोज बाजपेयी) और सोना (अदिति शर्मा) की। जब आप फिल्म देखेंगे तो आपको इनके किरदार पर जरूर हंसी आएगी और कहीं न कहीं इनकी मासूमियत पर भी हसी आएगी।

 

 

 

अभिनय

इस फिल्म के किरदार की बात करें तो आप सबने इन एक्टर की फिल्म तो देखी होंगी। आपको बता दें इस फिल्म के किरदार में टैलेंट खूब भरा हुआ है। सारे एक्टर ने अपने अपने किरदार को बखूबी निभाया है।

 

 

निर्देशन

फिल्म के निर्देशक संजीव शर्मा ने अच्छी फिल्म बनाई है, यह फिल्म दिल्ली की तंग गलियों से और गालियों से भरपूर है जिसको बड़े परदे पर लेने में निर्देशक सफल रहे हैं।

फिल्म की अच्छी बात

फिल्म की अच्छी बात है फिल्म की बेहतरीन स्टारकास्ट, कहानी और पुरानी दिल्ली की गालियाँ। इस फिल्म में सारे डॉयलोग्स अच्छे हैं और उनको अच्छे तरीके से बोला गया है।

फिल्म की निगेटिव बात

फिल्म की गलत बात है कि यह फिल्म सिर्फ कुछ लोगों के लिए ही बनी है जैसे आप यह फिल्म अपने घरवालों के साथ नहीं देख सकते हो। फिल्म का क्लाइमेक्स भी काफी कमजोर है और फिल्म आपको सेकेंड हाफ में थोडा बोर कर सकती है।

 

 

फिल्म देखनी चाहिए या नहीं

अगर आपको गालियाँ पसंद हैं वो भी थोड़ी कॉमेडी के साथ तो आप फिल्म देखने जरुर जाएँ। फिल्म आपको बोर नहीं होने देगी अगर जाएँ तो अपने फ्रेंड के साथ जाएँ। फिल्म देखने जाने से पहले आप इस लिंक पे क्लिक करके ट्रेलर देख सकते हैं-

 

फिल्म का ट्रेलर, गाने और लिरिक्स देखने के लिए यहाँ क्लिक करें–

 

 

 




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