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1000 रुपये की 1 मिर्च और 5000 रुपये का एक पपीता बेचता था राम रहीम

13-Sep-17 13:111000 रुपये की 1 मिर्च और 5000 रुपये का एक पपीता बेचता था राम रहीम
1000 रुपये की 1 मिर्च और 5000 रुपये का एक पपीता बेचता था राम रहीम

दो साध्वियों से यौन शोषण के मामले में रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। यह बाबा खुद को 'गॉडमैन' बोलता था। इस बाबा को लेकर एक और नया खुलासा हुआ है, जिसे जानकार आप भी हैरत में पड़ जाएंगे। कहा जा रहा है कि राम रहीम धर्म के नाम पर अपने भक्तों को महंगी सब्जियां और फल बेचा करता था, जिसे वह भगवान का प्रसाद बताता था।

 

बाबा राम रहीम का सिरसा में डेरा करीब 700 एकड़ में फैला है, जहां वह सैंकड़ो एकड़ में खेती भी करता है। बाबा की सब्जी इतनी महंगी होती थी कि दुनिया की किसी सब्जी मंडी में इतनी महंगी सब्जी नहीं बिकती होगी। वह डेरे में उगाई गई सब्जियों को कई गुना ऊंची कीमतों में बेचकर करोड़ों रुपए कमा रहा था।

 

5000 रूपए का एक पपीता

राम रहीम भगवान के प्रसाद के नाम पर अपने भक्तों को 5000 रुपये का एक पपीता और एक हरी मिर्च एक हजार रुपये में बेचता था जबकि दो हरी मिर्च दो हजार की बेचता था। बाबा बैंगन के साइज के हिसाब से उसके रेट तय करता था।छोटे बैंगन की कीमत जहां 1000 रुपए होती, तो बड़े बैंगन की कीमत 1500 से 2000 में थी।

 


मटर के 5 दानों की कीमत 1000 रुपए

राम रहीम की सब्जी मंडी में मटर के पांच दानों का पैक 1000 रुपए में मिलता है। अगर आपने आधा किलो मटर लिया होता तो करीब लाखों में उसकी कीमत होती। इसके अलावा एक टमाटर के लिए एक हजार रूपए की कीमत तय थी। 

 


ऐसे घर-घर पहुंचती थी बाबा की सब्जी

सब्जी को भक्तों के घर पहुंचाने का जिम्मा भंगीदास का होता था। भंगीदास डेरे के वो भक्त हैं जो नाम चर्चा घर में मंच का संचालन करते हैं। ग्रामीण और शहरी नाम चर्चा घरों के भंगीदार अलग-अलग होते हैं, फिर इन दोनों के ऊपर ब्लॉक का भंगीदास होता है। डेरा को घर-घर से जोड़ने के लिए ही राम रहीम ने भंगीदास प्रथा बनाई थी।

 

भक्त राम रहीम के इतने अंध भक्त थे की वह किसी भी दाम पर इन सब्जियों को खरीद लेते थे। भक्त कहते थे हमारे पिता ने अपने हाथ से इन सब्जियों को उगाया है। इन्हें खाने से हमें कोई बीमारी नहीं होगी। अंधभक्ति ऐसी थी कि बाबा के बाग की सब्जी का स्वाद हर कोई चखना चाहता था। परिवार के एक सदस्य को भी हजारों की कीमत का मटर का एक दाना मिलता तो वो खुद को धन्य समझता।

 




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