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ये हैं इलेक्शन के मजेदार नारे

5-Apr-17 15:47ये हैं इलेक्शन के मजेदार नारे
ये हैं इलेक्शन के मजेदार नारे

देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं और यूपी के चप्पे-चप्पे पर चुनावी हलचल जारी है। देश की सभी पार्टियां अपने लिए वोट मांगने के लिए नए नए नारे और पोस्टर बनाते हैं। कई पार्टियों के नारे तो इतने ज्यादा फेमस हो गए कि उन नारों को आज भी लोग याद करते हैं और वो इतिहास के पन्नों में अमर हो गए। आज हम यहाँ ऐसे ही कुछ मजेदार और रोचक नारे बता रहे हैं जिन्हें लोग आज भी याद करते हैं-

 

1978 के बाइ-इलेक्शन में इंदिरा गांधी को हाईलाइट करता एक और रोचक नारा।

 

1960 के दशक में कांग्रेस इस नारे के साथ आगे बढ़ी।

 

1967 के आम चुनावों में भारतीय जन संघ पार्टी ने यह नारा दिया था।

 

1960 में ही कांग्रेस के नारे को काटते हुए शिव सेना ने यह नारा दिया।

 

1965 में भारतीय सेना के जवानों को सम्मान देते हुए तत्कालीन पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने यह मशहूर नारा दिया।

 

पंजे से पहले 1960 के दशक में कांग्रेस का सिंबल गाय और बछड़ा थे। तब यह नारा दिया गया।

 

जन संघ ने अपने इलेक्शन कैंपेन के दौरान तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी पर निशाना साधता हुआ यह नारा दिया था।

 

 

2007 के यूपी इलेक्शन में समाजवादी पार्टी की तरफ से कैंपेनिंग करते हुए अमिताभ बच्चन ने यह स्लोगन दिया।

 

 

2007 के यूपी असेंबली इलेक्शन्स में कांग्रेस ने इस नारे के साथ चुनाव लड़ा था।

 

1996 में कांग्रेस के पीवी नरसिम्हा राव ने यह नारा दिया।

 

बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद 1993 में जब मुलायम सिंह यादव ने कांशीराम के साथ मिलकर सरकार बनाई थी, तब यह नारा दिया गया।

 

बिहार के सबसे पॉपुलर नेता लालू प्रसाद यादव पर बना एक यादगार नारा।

 

1984 के इलेक्शन में कांग्रेस ने यह नारा दिया।

 

2012 यूपी चुनाव के दौरान मायावती ने यह नारा दिया।

 




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