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शिवजी की बहन पर क्रोधित हो गई माँ पार्वती तब हुआ कुछ ऐसा

21-Jun-17 18:20शिवजी की बहन पर क्रोधित हो गई माँ पार्वती तब हुआ कुछ ऐसा
शिवजी की बहन पर क्रोधित हो गई माँ पार्वती तब हुआ कुछ ऐसा

भारतीय समाज में रिश्ते और संबंधो का बहुत महत्व होता है। जब भी हम कोई छोटी-बड़ी ख़ुशी परिवार के साथ बांटतें हैं तो उस ख़ुशी का आनंद दोगुना हो जाता है। लेकिन आज के समय में लोग संयुक्त परिवार से अलग एकल परिवार की और अग्रसर हो रहे हैं। इसके बावजूद लोग अपनों से अलग नहीं हो पाएं हैं क्योंकि सामाजिक परम्पराएं एंव रीती रिवाज एक दुसरे को जोड़े रखते हैं। ऐसे ही प्यार व् नोंक-झोंक भरे रिश्तों से भगवान भी बंधे हुए हैं। भगवान शिव से जुड़े कई रहस्य, कई कथाएं हम अक्सर सुनते रहते हैं। शिव जी का परिवार भगवान गणेश, कार्तिकेय व् माता पार्वती से जुडी कथाएं हम कई बार सुन चुके हैं लेकिन बहुत से लोग अब तक ये बात बिल्कुल नहीं जानते कि भगवान शिव की एक बहन भी थी। आइए आज उनकी बहन से जुडी एक कथा हम आपको सुनते हैं।

शिव व पार्वती के विवाह के बाद हुआ ऐसा

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब माता पार्वती व् भगवान शिव से विवाह करके कैलाश पर्वत पर आईं तो शिव जी के ध्यान मग्न रहने और कैलाश पर्वत पर स्त्रियों की अनुपस्थिति से बहुत अकेला महसूस करने लगीं थी।

 

माता पार्वती के मन में आया यह ख़याल

एक बार माँ पार्वती कैलाश पर्वत पर बैठी सोच रही थी कि कैलाश पर्वत में इतना अकेलापन है अगर मेरी एक ननद होती तो साड़ी समस्याएं हल हो जाती। लेकिन ये संभव नहीं था, क्योंकि शिव तो खुद अजन्मे थे।

 

शिव ने जानी माता पार्वती के मन की बात

लेकिन भगवान शिव तो अंतर्यामी हैं, उन्होंने माँ पार्वती के मन की बात जान ली। लेकिन फिर भी उन्होंने पार्वती जी से उदासी की वजह पूछी तो पार्वती माँ ने उन्हें अपनी एक ननद के होने की इच्छा बता दी।

 


क्या तुम ननद के साथ रिश्ता निभा पाओगी?

इस बात पर भगवान शिव ने माँ पार्वती से कहा, मैं आपको ननद लाकर दे दूँ तो क्या उसके साथ आप अच्छा रिश्ता निभा पाओगी? इस पर माँ पार्वती ने कहा, भला ननद के साथ मेरी क्यों नहीं बनेगी।

 

शिव ने अपनी माया से बनाई पार्वती माँ की ननद

माँ पार्वती की जिद पर शिव जी ने अपनी माया से एक देवी को उत्पन्न कर दिया। भगवान शिव ने कहा कि ये लो तुम्हारी ननद आ गई। इनका नाम असावरी देवी है देवी पार्वती अपनी ननद को देखकर बेहद खुश हुईं।

 

पूरा भोजन खा गई असावरी देवी

असावरी देवी के आने पर माँ पार्वती उनकी सेवा में लग गईं। असावरी देवी को भूख लगने पर वह भोजन मांगने लगी। देवी पार्वती ने जब उनका भोजन परोसा तो वे सारा भोजन खा गईं यहाँ तक कि महादेव के लिए भी कुछ नहीं बचा। जिससे माँ पार्वती बेहद दुःखी हुई।

 

असावरी देवी ने  माँ पार्वती के साथ कुछ ऐसा मजाक किया

इस बाद जब असावरी देवी नहाकर आईं तो माँ पार्वती ने उन्हें पहनने के लिए नए वस्त्र दिए लेकिन असावरी देवी के लिए वह वस्त्र छोटे पस गए। पार्वती जी दुःखी होकर उनके लिए दुसरे वस्त्र का इंतजाम करने लगीं। इस बीच ननद असावरी देवी को मजाक सुझा तो उन्होंने माँ पार्वती को अपने पैरों की दरार में छुपा लिया।

 

माँ पार्वती को बाहर पटक दिया

महादेव ने जब असावरी देवी से माँ पार्वती के बारे में पूछा तो असावरी देवी ने झूठ बोल दिया शिव जी ने कहा, कहीं ये तुम्हारी बदमाशी तो नहीं। इस पर असावरी देवी हंसने लगीं और अपना पांव जोर से जमीं पर पटक दिया। इससे पैरों की दरार में अटकी देवी पार्वती बाहर आ जिरीं।

 

 

कृपया इन्हें ससुराल भेज दीजिए

ननद के इस क्रूरता भरे व्यवहार से माता पार्वती का मन बहुत आहत हुआ। वह गुस्से में शंकर जी से बोलीं, आपकी बहुत कृपा होगी अगर आप अपनी बहन को ससुराल भेज दें। और इस तरह महादेव ने असावरी देवी को कैलाश से विदा कर दिया। इस तरह प्राचीन काल से आरंभ हुआ ननद-भाभी के बीच नोंक-झोंक का सिलसिला आज तक जारी है।

 





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