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इस कारण हुई थी महाराणा प्रताप की मृत्यु

7-Jul-17 10:25इस कारण हुई थी महाराणा प्रताप की मृत्यु
इस कारण हुई थी महाराणा प्रताप की मृत्यु

आप सबने ऐतिहासिक महाराणा प्रताप के बारे में पढ़ा तो होगा ही लेकिन क्या आपको पता है कि महाराणा प्रताप की मृत्यु कैसे हुई? नही न। तो चलिए हम आपको बताते हैं। राजस्थान की भूमि महापुरुषों और वीरों की भूमि रही है उन्हीं वीरों में से एक थे महाराणा प्रताप। एक दिन महाराणा प्रताप राजधानी चावंड में ही शिकार पर जाने की तैयारी कर रहे थे। और प्रताप एक जंगली दुर्घटना के कारण घायल हो गए थे। 29 जनवरी 1597 में प्रताप ने प्राण त्याग दिए थे। उस वक्त महाराणा प्रताप की उम्र केवल 57 वर्ष थी। आज भी उनकी स्मृति में राजस्थान में महोत्सव होते हैं। उनकी समाधी पर लोग श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।

 

1576 में हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच ऐसा युद्ध हुआ, जो पूरी दुनिया के लिए आज भी एक मिसाल है। महाराणा प्रताप ने शक्तिशाली मुगल बादशाह अकबर की 85000 सैनिकों वाले विशाल सेना के सामने अपने 20000 सैनिक और थोड़े-से संसाधनों के बल पर स्वतंत्रता के लिए वर्षों संघर्ष किया।

 

30 वर्षों के लगातार प्रयास के बावजूद अकबर महाराणा प्रताप को बंदी न बना सका। यही नहीं महाराणा की मृत्यु की खबर सुन अकबर रो पड़ा था।

 

प्रताप की वीरता ऐसी थी कि दुश्मन भी उनके युद्ध-कौशल के कायल थे। उदारता ऐसी कि दूसरों की पकड़ी गई बेगमों को सम्मानपूर्वक उनके पास वापस भेज दिया था।

 

जब कोई अच्छाई के लिए लड़ता है तो पूरी कायनात उसे जीत दिलाने में लग जाती है। ये बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उनका घोडा चेतक  भी उन्हें जीत दिलाने के लिए अंतिम समय तक लड़ता रहा।

 

चेतक की ताकत का पता इस बात से लगाया जा सकता था कि उसके मुंह के आगे हाथी कि सुंड लगाई जाती थी। जब मुगल सेना महाराणा प्रताप के पीछे लगी थी, तब चेतक प्रताप को अपनी पीठ पर लिए 26 फीट के उस नाले को लांघ गया, जिसे मुगल पार न कर सके।

 

महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो और लंबाई 7 फीट 5 इंच थी। यह बात अचंभित करने वाली है कि इतना वजन लेकर प्रताप रणभूमि में लड़ते थे।

 




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