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इन जगहों पे आज भी छिपा हुआ है राजा-महाराजाओं का खजाना

इन जगहों पे आज भी छिपा हुआ है राजा-महाराजाओं का खजाना

राजा महाराओं के बारे में तो ज्यादातर लोग जानते ही होंगे कि उनके महलों में कितना ज्यादा खजाना होता था और यह बात हमने बचपन में ही सुनी थी। आपको बता दें कि भारत में आज भी कई जगह ऐसी हैं जहाँ आज भी राजा-महाराजाओं का खजाना छुपा हुआ है। यहाँ आप जान सकते हैं उन जगहों के बारे में-

 

1. मुगल खजाना, अलवर, राजस्थान 

जगह: अलवर किला (बाला किला रोड, मोहल्ला लाडिया, अलवर, राजस्थान)

 

इतिहास: मुगल बादशाह जहांगीर को जब निर्वासित किया गया था तब उसने दिल्ली से 150 किमी दूर अलवर में शरण ली थी। कहा जाता है कि उसने अपना खजाना यहां के अलवर किले (बाला किले) के जंगलों में कहीं छुपाया था जो अभी तक पूरी तरह नहीं मिल पाया है। इस खजाने में खास कीमती कप है, जो एक सिंगल पन्ना(एक तरह का पत्थर) से काटकर बनाया गया है। बाला किला 300 मीटर ऊंची पहाड़ी पर है। जो 5 किमी तक फैला है, जिसके 6 प्रवेश द्वार हैं और इसे 1550A.D. में हसन खान ने बनवाया था। इस पर मुगल्स, जाट और मराठों ने राज किया है।

 

घूमने का समय: यह किला सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।

 

कब जाएँ: इस किले को देखने का सही समय सितम्बर से फरवरी तक है और इस किले में जाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है।

 

2. मान सिंग का खजाना, जयपुर

जगह: चील का टीला, अंबर, जयपुर, राजस्थान

 

इतिहास: लोगों का कहना है मान सिह जोकि अकबर की सेना में थे, जब अफगान पर विजय करके लौटे तो जो लूटकर जयपुर लाए थे, वो उन्होंने अकबर को नहीं दिया था और जयगढ़ किले में कहीं छुपा दिया था। ऐसा माना जाता है कि किले के आंगन में कहीं अंडरग्राउन्ड खजाना है। ये भी कहा जाता है कि इमरजेन्सी के समय इंदिरा गांधी ने इस खजाने को ढूंढने के लिए कहा था।

 

घूमने का समय: यह सुबह 9:30 से शाम 4:30 तक खुला रहता है।

 

3. सोनभंडार गुफाएं

जगह: सोनभंडार गुफाएं, राजगीर, बिहार

 

इतिहास: 3rd-4th AD सेंचुरी की इन गुफाएं में खजाने की रक्षा करने के लिए एक सैनिकों का कमरा है, कहा जाता है कि इस कमरे के पीछे से होकर मौर्य शासक बिम्बिसार के खजाने की और जाने का रास्ता है। इस रास्ते के प्रवेश द्वार पर बड़ी सी चट्टान रखी है जो आजतक किसी से नहीं टूटी या खुली है। एक बार ब्रिटिश शासकों ने इसे तोप से खोलने की भी कोशिश की थी। इस गुफा की दीवारों पर शंख लिपि मे कुछ लिखा है जो कि आज तक पढ़ा नही जा सका है। कहते हैं कि इसमें खजाने का द्वार खोलने का रहस्य लिखा हो सकता है।

 

4. चारमीनार गुफा, हैदराबाद

जगह: चार कमान, घांसी बाजार, हैदराबाद, तैलंगाना

 

इतिहास: ये गुफा चारमीनार को गोलकुंडा से जोड़ती है और 424 साल पहले सुल्तान मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाई थी। ये इमर्जेन्सी में शाही परिवार के लोगों को किले से निकालने के लिए बनवाई गई थी। ये गुफा 30 फीट गहरी और 15 फीट चौड़ी है। इस गुफा के किसी चेम्बर में रॉयल खजाना छिपे होने की बातें कही जाती हैं।

 

घूमने का समय: यह सुबह 9:30 से शाम 5:30 तक खुला रहता है।

 

5. मीर उस्मान अली खजाना

जगह: किंग कोठी रोड, ओल्ड MLA क्वाटर्स, किंग कोठी, हैदरगुडा, हैदराबाद, तेलंगाना

 

इतिहास: मीर उस्मान अली हैदराबाद के आखिरी निजाम थे जिन्होंने 37 साल से भी ज्यादा शासन किया। कहा जाता है कि उन्होंने अपना धन किंग कोठी पैलेस में अंडरग्राउन्ड चेम्बर्स में छुपाया था। इस खजाने में खास निजाम ज्वेलरी थी जिसमें मंहगे स्टोन रूबी, डायमंड, पर्ल और ऐसे ही बहुत सारे दूसरे स्टोन चांदी और सोने में जड़े थे। इन्हें अभी तक कोई भी नहीं ढूंढ पाया।

 

6. कृष्णा नदी का खजाना

जगह: कृष्णा नदी, आंध्र प्रदेश

 

इतिहास: गुंतुर और कृष्णा जिले पहले गोलकुंडा शासन का हिस्सा हुआ करते थे। कहा जाता है कि कृष्णा नदी में से एक समय कई महंगे स्टोन और डायमंड निकले थे। ऐसा माना जाता है कि अभी भी इस नदी में डायमंड हैं।ये डायमंड नदी के नाम से भी फेमस है। यहां कोहिनूर जैसे द ग्रेट मुगल, द पिट, द ओर्लोफ, द निजाम हीरे इसी नदी में मिले थे।

 

7. श्री मूकाम्बिका मंदिर, कर्नाटक

जगह: कोल्लूर, कर्नाटक

 

इतिहास: ये मंदिर कोल्लूर के तलहटी में बना है। यहां एक चेंबर पर सांप का निशान बना है जो यहां इस बात का प्रतीक होता है कि मंदिर में खजाना है। पर इसे कभी किसी ने देखा नहीं।

 

घूमने का समय: सुबह 5 से 2 बजे तक और 3 से शाम 9 बजे तक।

 

8. नादिर शाह का खजाना

जगह: हिमालय में हिन्दू कुश पहाड़ों में, अफगानिस्तान

 

हिमालय में हिन्दू कुश पहाड़ों की रेंज अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर पर पड़ता है। अब ये भारत में नहीं है।

 

इतिहास: पर्शियन घुसपैठिया नादिर शाह ने 1739 में भारत पर आक्रमण किया था। इसमें दिल्ली में अपने 50,000 सिपाही घुसा दिए और 20,000 से 30,000 हजार लोगों को मौत के घाट उतार दिया। यहां से जो खजाना उसने लूटा था कहा जाता है कि उसे ले जाने के लिए उसका कारवां 150 माइल्स लंबा था। इस खाजने में साने के सिक्के, गहने, मयूर सिंहासन (अब ईरान में) और कोहिनूर डायमंड(अब ब्रिटेन में) शामिल थे। नादिर ने मरने से पहले खजाना भारत में कुश पहाड़ों की गुफाओं में कहीं छुपाया था जो आजतक नहीं मिला।

 

 

 

 




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