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जरा भी उछले तो यहां हिलने लगती है जमीन

16-Jun-17 12:49जरा भी उछले तो यहां हिलने लगती है जमीन
जरा भी उछले तो यहां हिलने लगती है जमीन

छत्तीसगढ़ के शिमला खे जाने वाले मैनपाट में ऐसी जमीन है जो भूकंप के हिलती है। जलजली नदी के इलाके में पैर रखते ही धंसती जाती है और गेंद की तह वापस ऊपर की तरफ उठ जाती है। जमीं ऐसी है कि लोग उछलते हैं तो स्पंज की तरह हिलती है। कुदरत के इस खेल को देखने पहुंचे सैलानी कुछ देर तक बच्चों की तरह उछलते रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक़ कभी यहाँ जलस्त्रोत रहा होगा जो समय के साथ ऊपर से सूख गया और अंदर जमीन दलदली रह गई। जीयोसाइंटिस्ट डॉ. निनाद बोधनकर के अनुसार, यह एक टेक्निकल टर्म ‘लिक्विफैक्शन' का एक उदाहरण है। लिक्विफैक्शन इंगित करता है कि यहां भूकंप जैसा प्रभाव भी आ सकता है। बोधनकर ने बताया कि 1997 में जबलपुर में भूकंप आने के बाद होशंगाबाद नर्मदा के क्षेत्र में ऐसे दलदली क्षेत्र का निर्माण हुआ था। लेकिन उसकी एग्जेक्ट वजह क्या है, उसका पता लगाया जाना चाहिए। एक सिद्धांत ये भी है कि पृथ्वी के आंतरिक दबाव और पोर स्पेस (खाली स्थान) में सॉलिड के बजाय पानी भरा हुआ है इसलिए यह जगह दलदली और स्पंजी लगती है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म के सुंदर सैला रिपोर्ट से कुछ ही किमी की दूरी पर जलजली नई दिखाई देती है। नदी का किनारा हरे घास की परत से ढंका हुआ है।

 

पर्यटन स्थल मैनपाट अंबिकापुर नगर, जो भूतपूर्व सरगुजा, विश्रामपुर के नाम से भी जाना जाता है, 75 किमी की दूरी पर स्थित है अंबिकापुर छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे ठंडा नगर है। मैनपाट में भी काफी ठंडक रहती है, यही कारण है कि इसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है।

 

मैनपाट का नाम आते ही जेहन में खुबसूरत वादियों की तस्वीर उभरती है। यहाँ आलू का पठार, शिमला सा मौसम, तिब्बतियों का बसेरा हिलती हुई धरती, जमीं पर उमड़ते-घुमड़ते बादल नजर आते हैं।

 

वैसे तो यहाँ हर मौसम सुहाना रहता है लेकिन सर्दियों में यहाँ बर्फ की महीन बिछ जाती है।

 

10 मार्च 1959 को तिब्बत पर चीन के कब्जे के बाद भारत के जिन पांच इलाकों में तिब्बती शरणार्थियों ने अपना घर-परिवार बसाया, उसमें एक मैनपाट है।

 


मैनपाट के अलग-अलग कैंपों में रहने वाले ये तिब्बती यहां टाऊ, मक्का और आलू की खेती करते हैं।

 

वहां के मठ-मंदिर, लोग, खान-पान, संस्कृति सब कुछ तिब्बत के जैसी है, इसलिए इसे मिनी तिब्बत के नाम से भी जाना जाता है।

 





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