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एक ऐसा चिड़ियाघर जहाँ जानवरों की जगह रहते थे इंसान

5-Apr-17 14:25एक ऐसा चिड़ियाघर जहाँ जानवरों की जगह रहते थे इंसान
एक ऐसा चिड़ियाघर जहाँ जानवरों की जगह रहते थे इंसान

आज आपको एक ऐसे चिड़ियाघर के बारे में बताने जा रहे हैं। जहाँ जानवर की जगह इंसानों को रखा जाता है। आपको सुनने में थोडा-सा अजीब लगा रहा होगा। लेकिन यह बिल्कुल सच है ये सच 20वीं सदीं का नही लेकिन यह 19वीं सदीं का का एक खौफनाक सच है। यूरोप में इस तरह के कई चिड़ियाघर बनाये गए थे। इस चिड़ियाघरो में इंसानों को बंदी बना कर रखा था। आइये जानते हैं कैसा था वो मंजर।

ये रोंगटे खड़े कर देने वाला द्रश्य फ्रांस के एक मानव चिड़ियाघर का है

महिलाओं को नग्न शरीर का प्रदर्शन करना पड़ता था

मनुष्यों की तुलना जानवरों के साथ

निग्रो आदिवासियों इंसानों की तुलना जानवर से की जाती थी।

संवेदना शून्य लोग

इस औरत और इसके बच्चे के लिए संवेदना दिखाने की जगह ये लोग इसे बड़े कुतूहल से देख रहे हैं।

ये लोग अपने को सभ्य कहते थे

यहाँ महिलाओं को बंदी बना कर रखा जाता है और इनके ऊपर के कपड़े उतार दिए जाते थे ताकि लोग इन्हें ताड़ सकें।

प्रदर्शनी के दौरान बंधकों को नाचना भी पड़ता था

जर्मनी और इंग्लैंड में बने मानव चिड़ियाघरों में रखे गए बंधकों को समय-समय पर दर्शकों के मनौरंजन करने के लिए नाचना भी पड़ता था।

बेल्जियम के चिड़ियाघर में रखा गया था इस बच्ची को

ग्रामीण जीवन को दिखाने की कोशिश

ये द्रश्य 'ब्रोंक्स जू' का है। यहाँ इस व्यक्ति को चिम्पांजी के बच्चे को गोद में बिठा कर प्रदर्शित किया जा रहा है।

ये मानव चिड़ियाघर मानवता पर एक कलंक था

इस मानव चिड़ियाघर की बाद में काफी आलोचना होने लगी। मानव अधिकारों के नए युग का उदय हुआ और इस असहनीय मानवीय त्रासदी का अंत हुआ।




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