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बैंजो फिल्म रिव्यू

5-Apr-17 10:16बैंजो फिल्म रिव्यू
बैंजो फिल्म रिव्यू

फिल्म - बैंजो

डायरेक्टर - रवि जाधव

स्टारकास्ट - रितेश देशमुख, नर्गिस फ़ख़री और धर्मेश येलेनडे

कंगना राणावत ने एक फिल्म में कहा था कि रीबॉक न सही, रीबूक ही सही मतलब की अगर किसी ब्रांड का सामान न ले पाओ तो और भी कॉपी बहुत आते हैं मार्किट में उससे भी काम चल सकता है, तो ऐसा ही कुछ फील होगा आपको यह फिल्म देखकर।

कहानी

बैंजो फिल्म की कहानी एक आमची मुंबई के लोकल बैंड की है, जो कभी-कभी किसी पार्टी और किसी महोत्सव में अपनी कला दिखाता है और जब ये थोड़े ज्यादा फेमस हो जाते हैं तो इन्हें लगता है कि वे लोग अपनी इस कला को अपना भविष्य बना सकते हैं और अच्छे पैसे कम सकते हैं। लेकिन उन लोगों को अपनी बात पर थोडा विश्वास नहीं होता और यह विश्वास इनको नर्गिस फ़ख़री दिलाती है जो विदेश से आई है और न्यूयॉर्क में डीजे क्रिस्टिना (नर्गिस फ़ख़री) एक म्यूजिक फेस्टिवल में पार्टिसिपेट करने के लिए इस बैंजो बैंड के साथ गाना बनाना चाहती है। इसी बीच एक हादसा होता है और तराट (रितेश देशमुख) जेल चला जाता है। गलतफहमी के शिकार सभी दोस्त अलग हो जाते हैं और एक दूसरे का कभी सामना नहीं करना चाहते। इसके बाद तराट का क्या होता है? इस बैंड का क्या होता है? ऐसे स्थिति में क्रिस्टिना क्या करती है। यही पूरा इस फिल्म का ड्रामा है और फिल्म में नर्गिस फ़ख़री को हिंदी बोलने में दिक्कत आई है।

अभिनय

रितेश देशमुख इस फिल्म में थोड़े कंफ्यूज नज़र आते हैं मतलब कहीं पर एक्शन, कभी ड्रामा, कभी कॉमेडी, कभी रोमांस करते नज़र आते हैं, तो इस कारण वो किसी एक पर फोकस नहीं कर पाते। अगर ओवरआल देखा जाए तो उन्होंने अपने किरदार को अच्छे से निभाया है और आपको रितेश देशमुख का लुक जरुर पसंद आएगा।

नर्गिस फ़ख़री की फिल्में तो आपने देखी होंगी और उनकी फिल्मों में उनका ज्यादा रोल तो होता है नहीं वही इस फिल्म में भी ज्यादा रोल नहीं है लेकिन जितना भी है ठीक से नहीं किया। नर्गिस फ़ख़री ने इस फिल्म में डांस अच्छा किया है जो आपको पसंद आएगा।

फिल्म में धर्मेश येलेनडे ने सहायक की भूमिका निभाई है। धर्मेश येलेनडे के डांस के टैलेंट के बारे में तो सब जानते ही होंगे और वो इस फिल्म में भी डांस करते नज़र आयेंगे।

 

निर्देशन

रवि जाधव मराठी फिल्मों के अच्छे डायरेक्टर हैं लेकिन इस फिल्म को उन्होंने एक्शन, कॉमेडी और ड्रामा से भरपूर बना दिया है जिस कारण वह इस फिल्म में अपना मुद्दा खो बैठते हैं और बैंजो बैंड की कला को खो देते हैं और इस फिल्म में कहानी बिखरती हुई सी नज़र आती है।

फिल्म का मजबूत पक्ष

फिल्म का मजबूत पक्ष है सिर्फ फिल्म का म्यूजिक जो आपको पसंद आएगा। फिल्म में विशाल-शेखर ने म्यूजिक दिया है और म्यूजिक पर काफी मेहनत की है वो आपको देखने पे दिखाई देगी।

फिल्म का निगेटिव पक्ष

रवि जाधव की सबसे बड़ी कमी है फिल्म की कहानी जिसमें कुछ नया नजर नहीं आता। फिल्म की कहानी वही कि गली से उठकर मशहूर बनने तक की जिसके ऊपर काफी फिल्म बन चुकी हैं। फिल्म की स्टारकास्ट भी इस फिल्म के लिए फिट नहीं बैठती।

फिल्म देखनी चाहिए या नहीं

फिल्म देखने की बात करें तो फिल्म की कहानी आपको कई फिल्मों से मिलती नज़र आएगी। फिल्म में कुछ नया नहीं है और स्टारकास्ट भी ठीक नहीं है। अगर आप रितेश देशमुख और नर्गिस फ़ख़री के बहुत बड़े फैन हैं तो आप देख सकते हैं और फिल्म देखने जाने से पहले यहाँ आप ट्रेलर देख सकते हैं-

फिल्म के गाने और लिरिक्स यहाँ देख सकते हैं–

 

 

 

 




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