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जानते है ATM पर लिखे नंबरों का मतलब

भारत के अधिकतर लोग डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं जिसके जरिए आप कहीं भी और कभी भी पैसे निकाल सकते हैं। इसके आने से लोगों को बैंक जाकर पासबुक को लेकर लाइन में लगकर पैसे निकलने की अब जरूरत नही पड़ती है। क्या आपने कभी आपने कार्ड को गौर से देखा है? उस पर 16 अंक का एक नंबर लिखा होता है। क्या आपको पता है 16 अंक का मतलब चलिए हम आपको बताते हैं 16 अंक का मतलब! अक्सर लोग समझते हैं कि ये नंबर कार्ड को जारी करने का होता है, लेकिन ऐसा कुछ नही है। 16 अंको का नंबर कार्ड के बारे में बहुत कुछ बताता हैं। नंबरों का मतलब समझने के लिए इन्हें 4 हिस्सों में अच्छे से समझा जा सकता है।

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पहला अंक

ATM कार्ड के पहले अंक का मतलब होता है उस कार्ड को किसने जारी किया है। इस नंबर को मेजर इंडस्ट्री आइडेंटिफायर (MII- Major industry identifier) कहते है। हर इंडस्ट्रीज के लिए यह अंक अलग होता है। आप पहला अंक देखकर पता लगा सकते हैं कि वह कार्ड किस इंडस्ट्रीज का है। जैसे:- 0- ISO और अन्य इंडस्ट्री 1- एयरलाइन्स 2- एयरलाइन्स और अन्य इंडस्ट्री 3- ट्रैवेल और इंटरटेनमेंट (अमेरिकन एक्सप्रेस या फूड क्लब) 4- बैंकिंग और फाइनेंस (वीजा) 5- बैंकिंग और फाइनेंस (मास्टर कार्ड) 6- बैंकिंग और मर्चेंडाइजिंग 7- पेट्रोलियम 8- टेलिकम्युनिकेशन्स और अन्य इंडस्ट्री 9- नेशनल असाइनमेंट

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शुरू के 6 अंक

कार्ड पर लिखे पहले अंक को छोड़ कर उसके बाद 6 अंक को ध्यान से देखा जाए तो आप उस कंपनी के बारे में जान सकते हैं कि यह कार्ड किस कंपनी ने जारी किया है।इसे Issur identification Number(IIN) कहते हैं। जैसे:- अमेरिकन एक्सप्रेस (American Express)- 34XXXX, 37XXXX वीजा (VISA )- 4XXXXX मास्टर कार्ड (Master Card) - 51XXXX-55XXXX मैस्ट्रो (Maestro)- 6XXXXX डिस्कवर (Discover)- 6XXXXX

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बाद के अंकों का क्या हैं मतलब ?

बाद के 9 अंक:- कार्ड पर लिखे आखिरी 9 अंक आपके अकाउंट से लिंक होते हैं और यह पूरी तरह से बैंक अकाउंट नंबर नही होते हैं, न ही बैंक अकाउंट नंबर का कोई हिस्सा होते हैं, लेकिन बैंक अकाउंट से लिंक होते हैं आखिरी अंक:- किसी भी क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का आखिरी नंबर चेक डिजिट के नाम से जाना जाता हैं इससे यह पता चलता हैं कि कार्ड वैध है या नही।

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कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता हैं ये 16 अंकों का नंबर

डेबिट और क्रेडिट पर लिखे इन नंबरों का इस्तेमाल करके आप उस कार्ड से भुगतान कर सकते हैं। अगर आपके पास हैं डेबिट कार्ड है तो उसके साथ आपको पिन नंबर डालना होता है और अगर आपने टू स्टेप सिक्योरिटी लगाई है तो फ़ोन नंबर पर भेजा जाने वाला वन टाइम पासवर्ड भी बताना होता है। वही दूसरी और आपके पास क्रेडिट कार्ड हैं तो आपको अपने कार्ड के पीछे लिखे तीन अंकों का सीवीवी नंबर भी दर्ज करना होता है। इसके अलावा आपने सिक्योर पासवर्ड या फ़ोन पर भेजा गया वन टाइम पासवर्ड भी देना होता है, तभी आप भुगतान कर सकते हैं।

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