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जानते हैं पतंजलि की शुरुआत कैसे हुई

देश भर में हर जगह एक ही कंपनी का सुनने नाम में आता है पतंजलि। आज हम आपको एक ऐसी कहानी से रु-ब-रु कराने जा रहे हैं जो कहानी योगगुरु बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की है। बालकृष्ण भारत के 48वें सबसे अमीर व्यक्ति है। आइए जानते है आचार्य की जिंदगी का पूरा सफर।

बचपन मुफ़लिसी में बिता

आचार्य बालकृष्ण का जन्म 1974 में हरिद्वार के एक नेपाली परिवार में हुआ था। उस दौरान इनके पिता चौकीदारी का काम करते थे। आचार्य का वास्तविक नाम नारायण प्रसाद सुवेदी है। इन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा नेपाल से हासिल की है।

गुरुकुल में मिले थे रामदेव-बालकृष्ण

3 दशक पहले बालकृष्ण हरियाणा के खानपुर के एक गुरुकुल में पढ़ाई कर रहे थे। उसी दौरान उनकी मुलाकात बाबा रामदेव से हुई। बालकृष्ण आज बाबा रामदेव के सबसे नजदीकी सहयोगी है।

पतंजलि आयुर्वेद के सर्वेसर्वा हैं बालकृष्ण

2.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति वाले पतंजली आयुर्वेद के 97 फीसदी हिस्सेदारी बालकृष्ण के पास है। हालांकि इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर बाबा रामदेव है। जिन्हें पूरी दुनिया जानती है।

कंपनी के रजिस्ट्रेशन के वक्त महज 3500 सौ रुपये थे

साल 1995 में जब बाबा रामदेव और बालकृष्ण पतंजली आयुर्वेद को कंपनी के तौर पर रजिस्ट्रेशन करने गए थे तो उनकी जेब में 3500 रूपये थे। जबकि रजिस्ट्रेशन 13 हजार में होना था। तब दोनों ने अपने एक दोस्त से 10 हजार रूपए उधर लेने पड़े थे।

बालकृष्ण देश के सबसे अमीर शख्सियतों में 48वें नंबर पर हैं

कुछ वर्षों के अंदर ही पतंजली आयुर्वेद देश में शैंपू-साबुन से लेकर अनाज तक बेच रही है। फोर्ब्स की हाल ही में जारी हुई लिस्ट में आचार्य बालकृष्ण को देश के सबसे अमीर शख्सियतों में से 48वें नंबर पर रखा गया है। उनकी यह उपलब्धि किसी सपने के सच हो जाने जैसी है।

बेहद साधारण तरीके से रहते हैं बालकृष्ण

इतनी बड़ी कंपनी के प्रबंध निर्देशक बालकृष्ण के दफ्तर में कम्प्यूटर, लैपटॉप तक नहीं है। हालांकि बात करने के लिए वो आईफोन का इस्तेमाल ज़रूर करते हैं। बालकृष्ण अक्सर सफेद कपड़ों में नज़र आते हैं। उनके पैर में चप्पलों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि वो अकूत संपत्ति के मालिक हैं।

विवादों में भी घिर चुके हैं बालकृष्ण

साल 2011 में सी.बी.आई ने बालकृष्ण के खिलाफ, नकली डिग्री और पासपोर्ट का मामला दर्ज किया था। 2012 में सी.बी.आई ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था उस समय बालकृष्ण कथित तौर पर फ़रार हो गए थे।

जड़ी बूटियों के विश्वकोष पर काम कर रहे हैं बालकृष्ण

बालकृष्ण जड़ी बूटियों के विश्वकोष पर काम कर रहे हैं। इस विश्वकोष में कई हज़ार किस्म की जड़ी बूटियों के बारें जानकारी दी जाएगी।




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